मैंने सारे सहारे छोड़ दिए
मैंने सारे सहारे छोड़ दिए
मैंने सारे सहारे छोड़ दिए, बस तेरा सहारा काफी है -2
मुझे चाह नहीं दुनिया भर की, -2
बस तेरा नज़ारा काफी है, -2
मैंने सारे सहारे ---------
१) तेरी चाहत में जग छूट गया, -2
पर तू मुझसे क्यों रूठ गया, -2
मैं डूब रहा भवसागर में बस आना तुम्हारा बाकी है, -2
मैंने सारे सहारे ------------
२) मैंने जब से तुम्हारा नाम लिया, -2
इस जग ने बहुत इल्जाम दिया, -2
जब तूने मुझे यूं थाम लिया, बस मेरा गुज़ारा काफी है, -2
मैंने सारे सहारे--------
३) मैंने तेरे लिए ही जोग लिया, -2
और छोड़ जगत का भोग दिया, -2
रो रो के बुलाना काम मेरा, बस आना तुम्हारा बाकी है, -2
मैंने सारे सहारे-----------।
।। ओऽम् श्री महावीराय नमः ।।
द्वारा - सरिता जैन
सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका
हिसार
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