चारित्र चक्रवर्ती शान्ति सागर महाराज
चारित्र चक्रवर्ती शान्ति सागर महाराज Sung by -Bindu Jain, Delhi धुन- दे दी हमें आजादी.... जादू भरी वाणी तेरी, निर्ग्रन्थ तू महान। चारित्र चक्रवर्ती शान्ति सागरा महान।। सोया था कलिकाल जो, तूने जगा दिया। निर्ग्रन्थ मुनि धर्म की, गंगा बहा दिया।। बिछड़े दिलों की धर्म से लगन लगा दिया, तू रंग गया ध्यान में, तो दंग हम तमाम। चारित्र चक्रवर्ती...... आगम से सजा तीर, तूने हाथ में लिया। मिथ्या से लक्ष्य ध्यान का, पर्वत हिला दिया।। जन-जन में सत्य धर्म की, ज्योति जगा दिया। निश्चय पे तेरे दौड़े, पूनम चन्द घासीराम।। चारित्र चक्रवर्ती...... सम्मेद के दर्शन को तेरा, काफिला चला। हर राज राजा को आशीर्वाद दे चला।। सद्भाव अभय घोष में, धरती पे तू चला। पल में झुका मुगलों का, सरदार वो निजाम, चारित्र चक्रवर्ती...... मन्दिर की रक्षा का तूने, एलान कर दिया। गूंगे को बोली दे के, चमत्कार कर दिया।। अनशन से लोक राज का, शासन हिला दिया। पैदल जो महासंघ था, सम्मेद का सम्मान। चारित्र चक्रवर्ती...... ऐलान तेरा सुन के, जहां दंग रह गया। मनघट की रास रचने वाला, भंग हो गया।। डंके की चोट, काल ने इन्साफ. दे दिया। तून...