कर्मों के बंधन तोड़ो -3 झूठ
कर्मों के बंधन तोड़ो -3 झूठ सरिता जैन, हिसार द्वारा रचित सुन्दर नाटिका सच्चे का बोलबाला!! कक्षा के कमरे का दृश्य - 1 ब्लैक बोर्ड, 1 कुर्सी, 1 मेज, दरी, मेज पर घड़ी, पैन, किताब, चॉक, डस्टर। पात्र - गुरुजी, सम्यक, जीवन कुमार, सत्येन्द्र, अनीता (लड़की) सूत्रधार - कर्मों के बंधन तोड़ो जिनवर से नाता जोड़ो। धर्म प्रेमियों! आपस में प्रेम करो, धर्म प्रेमियों! आज हम आपको एक प्रेरणादायक लघु नाटिका दिखाने जा रहे हैं - सच्चे का बोलबाला!! आइए! हम आपको कर्म-बंधन का लेखा-जोखा समझाते हैं और पात्रों का परिचय देते हैं। (पात्र परिचय - एक-एक पात्र मंच पर आता है और हाथ जोड़ता हुआ दूसरी ओर चला जाता है।) ये हैं - गुरु जी - सफेद धोती, कुर्ता, जैकेट, टोपी हाथ में रजिस्टर लेकर आता है सम्यक - हाथ में स्कूल बैग, ब्राउन पैंट, सफेद कमीज पहनकर आता है । सम्यक के बैग में एक चाॅक का डिब्बा है। जीवन कुमार - हाथ में स्कूल बैग, सफेद पैंट, सफेद कमीज पहनकर आता है सत्येन्द्र - हाथ में स्कूल बैग, काली पैंट, हल्की नीली कमीज पहनकर आती है अनीता - हाथ में स्कूल बैग, सफेद स...