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जीवन है पानी की बूंद (16-20)

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  जीवन है पानी की बूंद (16-20) रचयिता व प्रणेता : परमपूज्य आचार्य श्री 108 विनम्र सागर जी महाराज जीवन है पानी की बूंद, कब मिट जाये रे। होनी अनहोनी, कब क्या घट जाये रे ॥ इक दो पल का मेला है, ये संसार झमेला है, चलना तुझे अकेला है - 2 मोह बहुत अलबेला है, सबको यहाँ धकेला है, इसकी बातों से, हो ऽऽ...., इसकी बातों से मन दूर हटाओ रे.... जीवन (16)  जिसका नाम सुबह ले लें, वो दिन भर फिर ध्यान रखे, इंतजाम वो सभी करे -2 उठ कर जिसका नाम जपें, उसका अपने नाम करें, उसके मिलते ही, हो ऽऽ...., उस के मिलते ही सब कुछ मिल जाये रे.... जीवन (17) अंधकार ने घेरा है, दीपक तले अंधेरा है, दिखता नहीं सवेरा है - 2 दर्शन के बिन ज्ञान कहाँ, ज्ञान बिना कल्याण कहाँ ज्ञानी इस जग में, हो ऽऽ....., ज्ञानी इस जग में खुशबू बिखराये रे.... जीवन (18) दुःख का है रहना अच्छा, कहने से सहना अच्छा, रुकने से बहना अच्छा - 2 दुःख जब बाहर निकलेगा, सुख का सागर मचलेगा, दिल हो वैसा ही, हो ऽऽ....., दिल हो वैसा ही ये मन हो जाए रे.... जीवन (19)   अगर नजरिया अच्छा है, सभी नजारे अच्छे हैं, सभी लोग तब सच्चे हैं - 2 दीया नजरिया से...

जीवन है पानी की बूंद (11-15)

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  जीवन है पानी की बूंद (11-15) रचयिता व प्रणेता : परमपूज्य आचार्य श्री 108 विनम्र सागर जी महाराज जीवन है पानी की बूंद, कब मिट जाये रे। होनी अनहोनी, कब क्या घट जाये रे ॥ संयम सुन्दर गहना है, गुणी जनों ने पहना है, मुनि जनों का कहना है - 2 मन इन्द्रिय का रोध करे, अन्तर जीवन शोध करे, संयम सुंदर-सा, हो ऽऽ...., संयम सुंदर-सा जिन ध्यान कराये रे.... जीवन.....(11) जन्म सभी को मिलता है, दीया किसी का जलता है, मार्ग किसी को मिलता है - 2 जन्म मिला पर धर्म नहीं, तो फिर अच्छा कर्म नहीं, धर्म से जीवन, हो ऽऽ...., धर्म से जीवन सब कुछ पा जाये रे.... जीवन (12) किसका कितना तोड़ यहाँ, किसका कितना जोड़ यहाँ, किसका कितना ठौर यहाँ - 2 धन दौलत में सार नहीं, इसमें भव का पार नहीं, जीवन पाकर के, हो ऽऽ...., जीवन पाकर के निज का ज्ञान बढ़ाओ रे.... जीवन(13) कितनी चादर (कफन) ओढ़ी है, कितनी मटकी फोड़ी है, कितनी माला तोड़ी है - 2 कितनी गहरी छोड़ी है, फिर भी लगती थोड़ी है, जब भी जानेगा, हो ऽऽ...., जब भी जानेगा, तब खुद पछताये रे.... जीवन(14) पिता समझता फर्ज जिसे, बेटा जाने कर्ज उसे, देखो कितना फर्क दिखे - 2 मात पिता को खुश रख...