Posts

भेष दिगम्बर धार

Image
भेष दिगम्बर धार भेष दिगम्बर धार, चले हैं मुनि दूल्हा बन के। -2 ले के हर्ष अपार, चले हैं मुनि दूल्हा बन के। -2 पंच महाव्रत जामा सजाया, दसलक्षण का सेहरा बंधाया। -2 चारित्र रथ हो सवार, चले हैं मुनि दूल्हा बन के ।। भेष दिगम्बर धार,-2 बारह भावना संग बाराती। समिति गुप्ति सब हिल मिल गाती। -2 हर्ष से मंगलाचार, चले हैं मुनि दूल्हा बन के ।। भेष दिगम्बर धार,-2 राग-द्वेष आतिशबाजी छूटी। क्रोध-कषाय की लड़ियाँ टूटी।-2 दमका पायल झंकार, चले हैं मुनि दूल्हा बन के ।। भेष दिगम्बर धार,-2 शुक्ल ध्यान की अग्नि जलाकर, होम किया निज कर्म खपा कर। तप तेरा यशगान , चले हैं मुनि दूल्हा बन के ।। भेष दिगम्बर धार,-2 शुभ बेला शिव रमणी वरेंगे, मुक्ति महल में प्रवेश करेंगे। गूंजेगी ध्वनि जयकार, चले हैं मुनि दूल्हा बन के। -2 भेष दिगम्बर धार, चले हैं शिव रमणी वरने।  भेष दिगम्बर धार, चले हैं मुनि दूल्हा बन के। -2 । ओऽम् श्री महावीराय नमः ।। द्वारा -सरिता जैन सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका हिसार 🙏🙏🙏 विनम्र निवेदन यदि आपको यह लेख प्रेरणादायक और प्रसन्नता देने वाला लगा हो तो कृपया comment के द्वारा अपने विचारों से अवगत ...

फैला हुआ है राजा

Image
भजन -  फैला हुआ है राजा चाल :—एक तीर फैंकता जा तिरछी कमान वाले । फैला हुआ है राजा, करमों का जाल सारे दरिया पहाड़ नाले, सूरज कि चांद तारे ॥टेक॥ तिर्यंच नर सुरासुर, ब्रह्मा ऋषि हरिहर फिरते हैं सब चराचर, कर्मों के मारे मारे ॥टेक॥ क्या आन कान बारे, क्या शाह शान बारे कर्मों के आगे सब के, जाते हैं मान मारे ॥टेक॥ रावन ने हरनाकुश ने क्या क्या नहीं किया था आखिर करम बली से, सब ही गये हैं हारे ॥टेक॥ सुख और दु:ख का देना, करमों के हाथ में हैं चलती नहीं किसी की, करलो यतन अपारे ॥टेक॥ । ओऽम् श्री महावीराय नमः ।। द्वारा -सरिता जैन सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका हिसार 🙏🙏🙏 विनम्र निवेदन यदि आपको यह लेख प्रेरणादायक और प्रसन्नता देने वाला लगा हो तो कृपया comment के द्वारा अपने विचारों से अवगत करवाएं और दूसरे लोग भी प्रेरणा ले सकें इसलिए अधिक-से-अधिक share करें। धन्यवाद ★ विवेक का विपर्यय हो मोह है। Here is the transcription of the printed Hindi text from the page into Unicode Devanagari format: --- ##  --- ★ **तप का मूल धैर्य है।** [ २० ] ★ राग द्वेष से मुक्त होना ही परिनिर्वाण है, [ २१ ] भज...