कर्म की रेख में भी
कर्म की रेख में भी कर्म की रेख में भी मेख बुधजन मार सकते हैं। कर्म क्या हैं इन्हें पुरुषार्थ से संघार सकते हैं ।टेक। कर्म से तो बड़ा बलवान है पुरुषार्थ दुनिया में, उदय भी गर करम का हो उसे भी टार सकते हैं । कर्म की रेख में—१ करम का डर जमा रखा है हाऊ की तरह यू' ही, इन्हें तो ध्यान के एक तीर से ही मार सकते हैं । कर्म की रेख में—२ काल लब्धि होनहार आलसी पुरुषों की बातें हैं, हम निज पुरुषार्थ से किस्मत की रेखा टार सकते हैं। कर्म की रेख में—३ करम सागर को करना पार 'न्यामत' गर्चे मुश्किल है, मगर जिन धर्म के चप्पू से नैया तार सकते हैं । कर्म की रेख में—४ । ओऽम् श्री महावीराय नमः ।। द्वारा -सरिता जैन सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका हिसार 🙏🙏🙏 विनम्र निवेदन यदि आपको यह लेख प्रेरणादायक और प्रसन्नता देने वाला लगा हो तो कृपया comment के द्वारा अपने विचारों से अवगत करवाएं और दूसरे लोग भी प्रेरणा ले सकें इसलिए अधिक-से-अधिक share करें। धन्यवाद