तेरी शरण
तेरी शरण प्रभु वीर तेरी शरण में हैं आए, चौरासी में धक्के जी हमने हैं खाए॥ टेक॥ लिया आज हमने तुम्हारा सहारा, प्रभु आप तारण तरण एक पाए॥ १॥ सिवा तेरे कोई न ऐसा खिवैया, जो नैया हमारी किनारे लगाए॥ २॥ परम वीतरागी अगरचे हैं स्वामी, मगर फिर भी सङ्कट हरण हैं कहाए॥ ३॥ हैं तारे हज़ारों अधम नीच तुमने, पशु पक्षियों के हैं कष्ट मिटाए॥ ४॥ तुम्हें जो कि ध्यावे वो बन जाये तुमसा, न शिवराम फिर क्यों तेरे गुण ये गाए॥ ५॥ ।। ओऽम् श्री महावीराय नमः ।। द्वारा -सरिता जैन सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका हिसार 🙏🙏🙏 विनम्र निवेदन यदि आपको यह लेख प्रेरणादायक और प्रसन्नता देने वाला लगा हो तो कृपया comment के द्वारा अपने विचारों से अवगत करवाएं और दूसरे लोग भी प्रेरणा ले सकें इसलिए अधिक-से-अधिक share करें। धन्यवाद