नाम तुम्हारा तारण हारा
नाम तुम्हारा तारण हारा
नाम तुम्हारा तारण हारा, कब तेरा दर्शन होगा,
जिनकी प्रतिमा इतनी सुन्दर, वो कितना सुन्दर होगा.
तुमने तारे लाखों प्राणी, यह संतों की वाणी है,
तेरी छवि पर मेरे भगवन्, यह दुनिया दीवानी है.
भाव से तेरी पूजा रचाऊँ, जीवन में मंगल होगा।
सुर नर मुनिजन तुम चरणों में निशदिन शीश झुकाते हैं,
जो गाते हैं तेरी महिमा वो सब कुछ पा जाते हैं,
अपने कष्ट मिटाने को तेरे चरणों का वन्दन होगा।
मन की मुरादें लेकर स्वामी, तेरे चरणों में आते हैं,
हम हैं बालक तेरे जिनवर, तेरे ही गुण गाते हैं,
भव से पार उतरने को, तेरे गीतों का सरगम होगा।
दीन दयाला करुणा सागर, जग में नाम तुम्हारा है,
भटके हुए हम भक्तों का प्रभु, तू ही एक सहारा है,
धन्य घड़ी समझूँगा उस दिन, जब तेरा दर्शन होगा।
।। ओऽम् श्री महावीराय नमः ।।
सरिता जैन
सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका
हिसार
🙏🙏🙏
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