मुनि श्री 108 विशोक सागर जी महाराज के 29 अक्टूबर, 2022 के प्रवचन का सारांश
मुनि श्री 108 विशोक सागर जी महाराज के 29 अक्टूबर, 2022 के प्रवचन का सारांश ( परम पूज्य उपाध्याय श्री विशोकसागर महाराज की लेखनी से ) दिनांक 29 अक्टूबर, 2022 को जैन लाइब्रेरी नागोरी गेट हिसार में परम पूज्य श्रमण मुनि श्री 108 विशोक सागर जी मुनिराज के पावन सानिध्य में “बाल संस्कार उद्बोधन” का आयोजन किया गया, जिसमें भारी संख्या में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थी व श्रावक जन उपस्थित हुए। मुनि श्री ने अपनी ओजस्वी वाणी से सभी विद्यार्थियों व श्रावक जनों को आशीर्वचन दिया। उन्होंने बच्चों को सदाचार के महत्त्व के बारे में बताते हुए कहा कि यदि हम जीवन में अपने लक्ष्य को निर्विघ्न रूप से प्राप्त करना चाहते हैं, अपनी मंज़िल तक बिना बाधा के पहुँचना चाहते हैं तो हमें दृढ़ता से सद् आचरण का पालन करना होगा। इससे लौकिक उपलब्धि तो होती ही है, पारलौकिक अर्थात् मोक्ष की भी प्राप्ति हो सकती है। जीवन का निर्माण करने वाला यह ‘सदाचार’ का मूलमंत्र जीवन को जीवंत बना देता है। यह जीवन का आधार स्तम्भ है। जिस प्रकार आधार के बिना भवन का निर्माण नहीं हो सकता, उसी प्रकार सदाचार के बिना आदर्श जीवन का निर्माण नहीं हो सकता...