गुरु वन्दना
गुरु वन्दना
विदाई समारोह मुनि श्री विशोकसागर जी महाराज
तेरा शुक्रिया है, तेरा शुक्रिया है।
हमें है सहारा तेरी बंदगी का,
है जिस पर गुजारा मेरी जिंदगी का।
मिला हमको जो कुछ, तुम्हीं से मिला है।।
तेरा शुक्रिया है, तेरा शुक्रिया है......
मिला हमको जो कुछ, बदौलत तुम्हारी,
मेरा कुछ नहीं है, यह दौलत तुम्हारी।
उसे क्या कमी जो, तेरा हो लिया है।
तेरा शुक्रिया है, तेरा शुक्रिया है........
न मिलती अगर हमको सौगात तेरी,
तो क्या थी ज़माने में औकात मेरी।
यह बंदा तो तेरे सहारे जिया है।
तेरा शुक्रिया है, तेरा शुक्रिया है......
मुनि विशोक सागर बसो नैन मेरे,
करे दूर जग के, जो पल में अंधेरे।
अंधेरों में जिसने, उजाला किया है।
तेरा शुक्रिया है, तेरा शुक्रिया है.....
हमें तुमने गुरुवर, बहुत कुछ दिया है,
तेरा शुक्रिया है, तेरा शुक्रिया है......
सरिता जैन
सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका
हिसार
🙏🙏🙏
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