प्रभु चरणों में

प्रभु चरणों में 

 
Sung By- Bindu Jain, Delhi.

  (धुन- बहुत प्यार करते हैं तुमसे सनम)

प्रभु के गुणों में, मेरा ध्यान होवे,

कि जिससे सदा सबका, कल्याण होवे।

प्रभु चरणों में, मेरा ध्यान होवे.....

हो भाव दया का, सब प्राणियों पर,

कोई जीव मुझसे न, हैरान होवे।

प्रभु चरणों में, मेरा ध्यान होवे.....

बनूँ मैं हकीकत, न छोड़ूँ धर्म को,

अगर मेरा सिर भी, बलिदान होवे। 

प्रभु चरणों में, मेरा ध्यान होवे.....

मुसीबत जो आए, न घबराए ये दिल,

मेरी आत्मा ऐसी, बलवान होवे। 

प्रभु चरणों में, मेरा ध्यान होवे.....

न दौलत की धुन हो, मेरे दिल समाई,

कभी ऊँचे पद का न, अभिमान होवे। 

प्रभु चरणों में, मेरा ध्यान होवे.....

बना कर दिखा दूँ, मैं आदर्श जीवन,

कुमति से मेरा दूर, प्रस्थान होवे।

प्रभु चरणों में, मेरा ध्यान होवे.....

न दिल में कभी, ईर्ष्या भाव रखूँ,

न मुझसे किसी को, नुकसान होवे।

प्रभु चरणों में, मेरा ध्यान होवे.....

मंत्र जुबां पर हो, णमोकार हरदम,

सदा उसका मन में मेरे ध्यान होवे,

प्रभु चरणों में, मेरा ध्यान होवे.....

सहनशीलता मुझमें, ऐसी भरी हो,

न दिल संकटों से, परेशान होवे।

प्रभु चरणों में, मेरा ध्यान होवे.....

पतंगा जो जलता है, दीपक पे जैसे,

धर्म पे मेरी जान, कुर्बान होवे।

प्रभु चरणों में, मेरा ध्यान होवे.....

दिखलाऊँ वह काम, करके जगत को,

अपने धरम का ऊँचा, सदा नाम होवे।

प्रभु चरणों में, मेरा ध्यान होवे.....

द्वारा -सरिता जैन

सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका

हिसार

🙏🙏🙏

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