मेरे महावीर
मेरे महावीर
सरिता जैन, सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका, हिसार की लेखनी द्वारा
Sung by - Bindu Jain, Delhi
मेरे घर वीर आए हैं, मेरे महावीर आए हैं। - 2
मेरे घर वीर बन के धीर और गंभीर आए हैं। - 2
1. सजा लूँ थाल पूजा का, बना लूँ दीप और बाती।
मेरी बिगड़ी बनाने को मेरे महावीर आए हैं।
2. करूँ अर्पित सुमन उनको, मैं अपने भाव वंदन के।
मुझे रस्ता दिखाने मोक्ष का, महावीर आए हैं, मेरे मुनिराज आए हैं।
3. करूँ मैं आरती उनकी, और गाऊँ भजन उनका।
मुझे कर्मों से छुड़ाने, मेरे महावीर आए हैं - 2
4. न मैं भूलूँ कभी उनको, न वे मुझको भुलाते हैं।
सम्यक् दर्श दिखलाने, मेरे महावीर आए हैं - 2
5. मेरे भटके हुए कदमों को, वे सत्पथ पे लाते हैं।
सम्यक् ज्ञान समझाने, मेरे महावीर आए हैं - 2
6. सम्यक् ज्ञान की पूंजी, मेरे जीवन में भर जाए।
उसे चारित्र में लाने, मेरे महावीर आए हैं - 2
7. मैं इस रस्ते पे चल के, मोक्ष रमणी को वरूँ इक दिन।
मेरा उद्धार करने को, मेरे महावीर आए हैं - मेरे मुनिराज आए हैं।
।। ओऽम् श्री महावीराय नमः ।।
सरिता जैन
सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका
हिसार
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