पूजा के भाव

 पूजा के भाव 


Sung by - Bindu Jain, Delhi

धुनः पीछे-पीछे आउंदा, मेरी चाल वी न आई, तू निगाह मारदा आई वे, मेरा लौंग गवाचा।।

मैं तेरे दर्शन की प्यासी-2, अब तो दर्श दिखाओ जी, मेरे महावीरा।

जन्म जन्म से भटक रही हूँ-2,अब तो फेर मिटाओ जी, मेरे महावीरा।

(1) 

जल-चंदन मैं लेकर आई-2, 

जन्म-जरा को मिटाओ जी, मेरे महावीरा.... भव का ताप नशाओ जी, मेरे महावीरा। 

 (2)

 अक्षत-पुष्प का थाल भराया-2

अक्षय पद दिलवाओ जी, मेरे महावीरा.... काम-व्यथा से बचाओ जी, मेरे महावीरा।

(3) 

दीप और नैवेद्य हैं अर्पित-2

क्षुधा-रोग को हटाओ जी, मेरे महावीरा.... मोह तिमिर को भगाओ जी, मेरे महावीरा।

(4) 

फल और धूप समर्पित तुमको-2

अष्ट कर्म दहनाओ जी, मेरे महावीरा.... मोक्ष मार्ग दिखलाओ जी, मेरे महावीरा।

(5) 

अष्ट द्रव्य का अर्घ बनाया, अर्घ बना कर तुमको चढ़ाया।

मुक्ति मार्ग पे चलाओ जी, मेरे महावीरा।

(6) 

हाथ जोड़ कर करते विनती, हममें है थोड़ी-सी शक्ति।

अब तो न सुध बिसराओ जी, मेरे महावीरा।

मेरी बिगड़ी आज बनाओ जी, मेरे महावीरा.... मिथ्यातम को नशाओ जी, मेरे महावीरा।

मुझ पे किरपा बरसाओ जी, मेरे महावीरा.... भव-बन्धन से छुड़ाओ जी, मेरे महावीरा।

मेरी नैया पार लगाओ जी, मेरे महावीरा.... निज चरणन शरण दिलाओ जी, मेरे महावीरा।

मैं तेरे दर्शन की प्यासी-2 अब तो दर्श दिखाओ जी, मेरे महावीरा।

जन्म जन्म से भटक रही हूँ-2 अब तो फेर मिटाओ जी, मेरे महावीरा।

बोलो महावीर भगवान की जय! जय!!  जय!!! 

।। ओऽम् श्री महावीराय नमः ।।

सरिता जैन

सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका

हिसार

🙏🙏🙏

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