भगवान पार्श्वनाथ
भगवान पार्श्वनाथ
जय पारस जय पारस जय पारस देवा।
माता तुम्हारी वामा देवी, पिता अश्व देवा। जय पारस.......
काशी जी में जन्म लिया था, हो देवों के देवा। जय पारस.......
आप तेइसवें हो तीर्थंकर, भक्तों को सुख देवा। जय पारस.......
पाँचों पाप मिटाकर हमरे, शरण देओ जिन देवा। जय पारस.......
दूजा और कोई न दीखे, जो पार लगावे खेवा। जय पारस.......
नवयंवक मण्डल बना रहे, जो करे आपकी सेवा। जय पारस.......
हम भी शरण तिहारी आए, हाथ जोड़ कर शीश नवाए। जय पारस.......
हमको भी तो दे दो भगवन्, तव भक्ति की मेवा। जय पारस.......
।। ओऽम् श्री महावीराय नमः ।।
सरिता जैन
सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका
हिसार
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