भला किसी का कर न सको तो
भला किसी का कर न सको तो
भला किसी का कर न सको तो,
बुरा किसी का मत करना।
पुष्प नहीं बन सकते तो,
तुम कांटे बनकर मत रहना।।
बन न सको भगवान अगर तुम,
कम से कम इंसान बनो।
नहीं कभी हैवान बनो तुम,
नहीं कभी शैतान बनो।।
सदाचार अपना न सको तो,
पापों में पग मत ध्ारना।
भला किसी का ................।
सत्य वचन न बोल सको तो,
झूठ कभी भी मत बोलो।
मौन रहो तो ही अच्छा,
कम से कम विष तो मत घोलो।।
बोलो यदि पहले तुम तोलो,
फिर मुँह को खोला करना।
भला किसी का ................।
घर न किसी का बसा सका तोे,
झोपड़ियाँ न जला देना।
मरहम पट्टी कर न सको तो,
नोन मिर्च न लगा देना।।
दीपक बनकर जल न सको तो,
अंध्ाियारा भी मत करना।
भला किसी का .......................।
अमृत पिला सको न किसी को,
ज़हर पिलाते भी डरना।
ध्ाीरज बंध्ाा सको न किसी को,
घाव किसी को मत करना।
प्रभु नाम की माला लेकर,
सुबह और शाम जपा करना।
भला किसी का ................।
।। ओऽम् श्री महावीराय नमः ।।
सरिता जैन
सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका
हिसार
🙏🙏🙏
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