गुरु वन्दना

 गुरु वन्दनाः गुरु मेरे जीवन को.........


गुरु मेरे जीवन को, कुन्दन बना दो।  कोई खोट इसमें रहने न पाए।।

करो मेरे जीवन में ऐसा उजाला, हर श्वास हो तेरे चिंतन की माला।

मेरे दिल की दुनिया को इतना बदल दो, कि दुनिया हमेंभी गले से लगाए।।

गुरु मेरे जीवन को.........

वर्षा की रिमझिम, पवन के तराने, भौरों की गुनगुन, लताओं के गाने। 

नज़र ये जिधर भी जाएगी मेरी, अमर ज्योति तेरी, उधर मुस्कुराए।।

गुरु मेरे जीवन को........

सारे जगत को मैं परिवार समझूँ, परिवार को तेरा, उपहार समझूँ।

चारों कषायों से खुद को बचाऊँ, कोई भी मुझको, सताने न पाए।।                  

गुरु मेरे जीवन को.......... 

।। ओऽम् श्री महावीराय नमः ।।

सरिता जैन

सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका

हिसार

🙏🙏🙏

विनम्र निवेदन

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