हांसी का पुण्योदय तीर्थ धाम

हांसी का पुण्योदय तीर्थ धाम


अतिशयकारी है मनहारी, पार्श्वनाथ का धाम, 
यहां आकर तकदीर संवरती, बनते बिगड़े काम, 
है हांसी तीर्थ हमारा, हमें प्राणों से प्यारा -२ 
१) पद्मासन में सोहे, प्रतिमा लगती मनभावन, 
पारस सा सोना पाकर, अब धरा हो गई पावन, 
हरियाणा के पवित्र तीर्थ का हुआ है जग में नाम, 
है हांसी तीर्थ हमारा हमें प्राणों से प्यारा -२ 
२) नंद्यावर्त की रचना आदृश्य लग रहा न्यारा, 
हांसी की हंसी हुई जग में जागा सौभाग्य हमारा, 
उत्तर में विख्यात हुआ पुण्योदय तीर्थ धाम , 
है हांसी तीर्थ हमारा हमें प्राणों से प्यारा-२ 
३) गुरु विद्यासागर का आशीष जो हमने पाया , 
धन्य हो गई धरती मिली गुरु कृपा की छाया , 
गुरु के उपकारों हमको मिला आज सम्मान - २, 
है हांसी तीर्थ हमारा हमें प्राणों से प्यारा - २।
 ४) पूज्य सुधा सागर की जब नजर पड़ी भक्तों पर, 
माटी हो गई चंदन गुरु मात् दृढ़मती को पाकर, 
मुनी प्रणम्य और चंद्र सागर ने, मुनी वीर सागर ससंघ ने किया पंचकल्याण - २ 
है हांसी तीर्थ हमारा हमें प्राणों से प्यारा - २ ।। 
ओऽम् श्री महावीराय नमः ।। 

सरिता जैन 
सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका 
हिसार 🙏🙏🙏
 विनम्र निवेदन 
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धन्यवाद

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