इतनी शक्ति हमें देना
इतनी शक्ति हमें देना गुरुवर
इतनी शक्ति हमें देना गुरुवर, मन का विश्वास कमज़ोर हो न।
हम चले नेक रस्ते पर हमसे, भूलकर भी कोई भूल हो न ॥
दूर अज्ञान के हों अंधेरे, तू हमें ज्ञान की रोशनी दे।
हर बुराई से बचकर रहें हम, जितनी भी दे भली जिंदगी दे।
वैर हो न किसी का किसी से, भावना मन में बदले की हो न। हम चले नेक.........................
हर तरफ जुल्म है, बेबसी है, सहमा सहमा सा हर आदमी है।
पाप का बोझ बढ़ता ही जाए, जाने कैसे ये धरती थमी है।
बोझ ममता का तू ये उठा ले, तेरी रचना का भी अंत हो न। हम चले नेक .........................
हम न सोचें हमें क्या मिला है, हम ये सोचें किया क्या है अर्पण।
फूल खुशियों के बाँटें सभी को, सबका जीवन ही बन जाए मधुवन।
अपनी करुणा का जल तू बहाकर, कर दे पावन हर इक मन का कोना। हम चले नेक .........................
।। ओऽम् श्री महावीराय नमः ।।
द्वारा - सरिता जैन
सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका
हिसार
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