जीवन खत्म हुआ

 जीवन खत्म हुआ



जीवन खत्म हुआ तो जीने का ढंग आया-2
जब शमा बुझ गई तो महफिल में रंग आया-2
मन की मशीनरी ने, जब ठीक चलना सीखा,
तब बूढ़े तन के हर इक, पुर्जे में ज़ंग आया, जीने का ढंग आया-2
गाड़ी निकल गई तो घर से चला मुसाफिर,
मायूस हाथ खाली, वापिस बैरंग आया, जीने का ढंग आया-2
फुुरसत के वक्त में न सिमरण का वक्त निकला,
उस वक्त 'वक्त' मांगा, जब वक्त दम पे आया, जीने का ढंग आया-2
आयु न मिल सकी जब


, हथियार फेंक डाले,
यमराज फौज लेकर, करने को जंग आया, जीने का ढंग आया-2

।। ओऽम् श्री महावीराय नमः ।।

द्वारा - सरिता जैन

सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका

हिसार

🙏🙏🙏

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