जिनवाणी जग मैया
जिनवाणी जग मैया
जिनवाणी जग मैया, जनम दु:ख मेट दो,
जनम दु:ख मेट दो, मरण दु:ख मेट दो।
समवशरण सा महल तुम्हारा, गणधर जैसा भैया,
कुंद-2 से पुत्र तुम्हारे, तीर्थंकर से सैंया , जिनवाणी ___________ ।
सात तत्व छ द्रव्य बताए, हो उपकारी मैया,
जो भी शरण में आया उसकी, पार लगा दी नैया, जिनवाणी ___________ ।
संकट मोचन नाम तुम्हारा, तुम हो जग की मैया,
हाथ जोड़कर शीश नवाऊँ, पडूँ तुम्हारे पैंया, जिनवाणी ___________ ।
।। ओऽम् श्री महावीराय नमः ।।
द्वारा - सरिता जैन
सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका
हिसार
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