कुछ तो समय निकालो

 कुछ तो समय निकालो

पारुल जैन, दिल्ली द्वारा संकलित एवं प्रेषित सुन्दर भजन

हर दम है तैयार तू पाप कमाने के लिए,

कुछ तो समय निकालो प्रभु गुण गाने के लिए। -2

जब माता के गर्भ में आया, ध्यान धरूँगा मैं तेरा,

इस झूठी पृथ्वी पर आकर, भूल गया प्रभु नाम तेरा - (2)

सत्य परम गुरु आते हैं, समझाने के लिए,

अजी कुछ तो समय निकालो प्रभु गुण गाने के लिए,

हर दम है .......

जल गई बाती, लिपट गया तेल, छल-छल-छल-छल हो रहा,

मृत्यु के आंचल में जीवन, पल-पल पल-पल खो रहा,

चार जने मिल आते हैं, ले जाने के लिए,

अजी कुछ तो समय निकालो, प्रभु गुण गाने के लिए

हर दम है .......

हाड़ जले जैसे सूखी लकड़ी, केश जले जैसे घास रे,

कंचन जैसी काया जल गई, कोई न आया पास तेरे

अपने पराये होते हैं, दिखलाने के लिए,

अजी कुछ तो समय निकालो, प्रभु गुण गाने के लिए

हर दम है तैयार तू, पाप कमाने के लिए।

अजी कुछ तो समय निकालो, प्रभु गुण गाने के लिए॥

।। ओऽम् श्री महावीराय नमः ।।

द्वारा - सरिता जैन

सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका

हिसार

🙏🙏🙏

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