महिमा णमोकार मंत्र की
महिमा णमोकार मंत्र की
धुन- है प्रीत जहां की रीत सदा.........
नवकार मंत्र ही महामंत्र है, निजपथ का ज्ञान कराता है।
नित जपो शुद्ध मन वच तन से, मनवांछित फल का दाता है।। वंदे जिनवरम्-3 होऽऽऽ
पहला पद श्री अरिहंताणम्, यह आतम ज्योति जगाता है।
यह समवशरण की रचना की, भव्यों को याद दिलाता है।। णमो अरिहंताणम्-3 होऽऽऽ
दूजा पद श्री सिद्धाणम् है, यह आतम शक्ति बढ़ाता है।
इससे मन होता है निर्मल, अनुभव का ज्ञान कराता है।। णमो श्री सिद्धाणम्-3 होऽऽऽ
तीजा पद श्री आयरियाणम्, दीक्षा के भाव जगाता है।
दुःख से छुटकारा शीघ्र मिले, जिनमत का ज्ञान बढ़ाता है।। णमो आयरियाणम्-3 होऽऽऽ
चैथा पद श्री उवज्झायाणम्, यह जैन धर्म चमकाता है।
कर्माश्रव को ढीला करता, यह सम्यक् ज्ञान कराता है।। णमो उवज्झायाणम्-3 होऽऽऽ
पंचम पद श्री सव्व साहूणम्, यह जैन तत्त्व सिखलाता है।
दिलवाता है यह ऊँचा पद, संकट से शीघ्र बचाता है।। णमो सव्व साहूणम्-3 होऽऽऽ
तुम जपो भविक जन महामंत्र ये, अनुपम वैराग्य बढ़ाता है।
निज श्रद्धा मन से जपने से, मन को अति शांत बनाता है।। वंदे जिनवरम्-3 होऽऽऽ
सम्पूर्ण रोग को शीघ्र हरे, जो मंत्र रुचि से ध्याता है।
जो भव्य सीख नित ग्रहण करे, वो जामन मरण मिटाता है।। वंदे जिनवरम्-3 होऽऽऽ
णमो अरिहंताणम्, णमो श्री सिद्धाणम्, णमो आयरियाणम्, णमो उवज्झायाणम्,
णमो सव्व साहूणम्।
ऐसो पंच णमोकारो, सव्व पापं पणासनो। मंगलाणं च सव्वेसिं, पढमं हवइ मंगलम्।।
जय हो-2, जय हो-2, जय हो-2 होऽऽऽ
।। ओऽम् श्री महावीराय नमः ।।
सरिता जैन
सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका
हिसार
🙏🙏🙏
विनम्र निवेदन
यदि आपको यह लेख प्रेरणादायक और प्रसन्नता देने वाला लगा हो तो कृपया comment के द्वारा अपने विचारों से अवगत करवाएं और दूसरे लोग भी प्रेरणा ले सकें इसलिए अधिक-से-अधिक share करें।
धन्यवाद
Comments
Post a Comment