मुझे ऐसा वर दे दो
मुझे ऐसा वर दे दो
मुझे ऐसा वर दे दो, गुणगान करूँ तेरा,
इस बालक के सिर पे, गुरु हाथ रहे तेरा। मुझे.....
सेवा नित तेरी करूँ, तेरे द्वार पे आऊँ मैं,
चरणों की धूलि को, नित शीश लगाऊँ मैं, - 2
चरणामृत पा कर के, नित कर्म करूँ मेरा। इस बालक.....
भक्ति और शक्ति दो, अज्ञान को दूर करो,
अरदास यही गुरुवर, अभिमान को चूर करो, -2
नहीं द्वेष रहे मन में, रहे वास गुरु तेरा। इस बालक.....
विश्वास हो ये मन में, तुम साथ ही हो मेरे,
तेरे ध्यान में मैं सोऊँ, सपनों में रहो मेरे, -2
चरणों से लिपट जाऊँ, तुम ख्याल करो मेरा। इस बालक.....
मेरी यश कीर्ति को, गुरु मुझसे दूर रखो,
इस मन-मंदिर में रम, भक्ति भरपूर भरो, -2
तेरी ज्योति जगे मन में, जब ध्यान धरूँ तेरा,
इस बालक ___________ ।
।। ओऽम् श्री महावीराय नमः ।।
द्वारा - सरिता जैन
सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका
हिसार
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