नवकार जपने से

नवकार जपने से



धुन - क्या ख़ूब लगती हो......

नवकार जपने से सारे सुख मिलते हैं, -2

जाप जपो, जपते रहो, बन्धन कटते हैं,

मन उपवन में ख़ुशियों के, फूल खिलते हैं.....नवकार

पैंतीस अक्षर हैं इसके ..हाँ.. इसके,

जो ध्याता है, पाप कटें सब उसके,

परमेष्ठी पाँच हैं पावन ..हाँ.. पावन,

पाँचों पद हैं पवित्र और मनभावन,

जाप जपो, जपते रहो, बन्धन कटते हैं,

मन उपवन में ख़ुशियों के, फूल खिलते हैं.....नवकार

पापों से बचकर रहना ..हाँ.. रहना,

दुःख आए तो हंसते-हंसते सहना,

नवकार करेगा रक्षा ..हाँ.. रक्षा,

पंच परमेष्ठी प्रसन्नता का नक्शा,

जाप जपो, जपते रहो, बन्धन कटते हैं,

मन उपवन में ख़ुशियों के, फूल खिलते हैं.....नवकार

जब कोई हमसे रूठे ..हाँ.. रूठे,

दिल टूटे और रिश्ता कोई छूटे,

मन में न उदासी लाना ..हाँ..  लाना,

परमेष्ठी से दिल का नाता बनाना,

जाप जपो, जपते रहो, बन्धन कटते हैं,

मन उपवन में ख़ुशियों के, फूल खिलते हैं.....नवकार

।। ओऽम् श्री महावीराय नमः ।।

द्वारा - सरिता जैन

सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका

हिसार

🙏🙏🙏

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