प्रभु नाम जपने से

प्रभु नाम जपने से 


प्रभु नाम जपने से, नव जीवन मिलता है,

तन मन का मुरझाया उपवन खिलता है,

अन्तर के कोने में इक दीपक जलता है।

प्रभु नाम........................................

श्रीपाल प्रभु गुण गाकर, हाँ... गाकर-2

तूफां में भी पार हुए थे सागर,

चंदन बाला दर्शन से, हाँ.. दर्शन से-2

देखो पल में, मुक्ति हुई बंधन से।

तन मन का.....................................

हो सर्प अगर विष वाला, हाँ... विष वाला-2

कर लो मन से ध्यान, बन जाये माला,

सब पाप सभी कट जाएं, हाँ... कट जाएं-2

सुमरण से, संताप सभी मिट जाएं।

तन मन का.....................................

संसार समुद्र तोै गहरा, हाँ... गहरा-2

कर्मों ने चहुँ ओर लगाया पहरा,

सब छोड़ जगत की माया, हाँ... माया-2

ले लो तुम, महावीर शरण की छाया।

तन मन का.....................................

 ।। ओऽम् श्री महावीराय नमः ।।

द्वारा - सरिता जैन

सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका

हिसार

🙏🙏🙏

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