थोड़ा ध्यान धरो
तर्ज़-ओहरे ताल मिले....
थोड़ा ध्यान धरो प्रभु का मन में, प्रभु मिले आतम में,
आतम मिले कौन से भव में, कोई जाने ना, थोड़ा ध्यान ................
ज्ञानी तो ध्यान को तरसे, ध्यानी तो साधना-2
पानी में दूध जैसे, काया में आत्मा-2 ओ चेतन रे ......
पानी में दूध जैसे, काया में आत्मा,
आया है कौन से भव से, कोई जाने ना, थोड़ा ध्यान ................
कैसी ये दुनिया सारी, कैसे ये लोग हैं-2
झूठी ये दुनिया सारी, झूठे ये लोग हैं-2 ओ मनवा रे .........
झूठी ये दुनिया सारी, झूठे ये लोग हैं,
जाना है कौन से भव में, कोई जाने ना, थोड़ा ध्यान .........
।। ओऽम् श्री महावीराय नमः ।।
सरिता जैन
सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका
हिसार
🙏🙏🙏
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