आए हैं मेरे गुरुवर

 आए हैं मेरे गुरुवर 

तर्ज - आए होे मेरी जिंदगी में...

आए हैं मेरे गुरुवर, अपना मुझे बनाने-२

अज्ञान का अंधेरा, मन से मेरे मिटाने-२

गुरु के मुखारविन्द से सदा ज्ञान गंगा बहती,

करें  प्रेम सब से प्यारों, वाणी उन्हीं की कहती,

सत्संग रूप अमृत, आए हमें पिलाने,

अज्ञान का अंधेरा .......................................

कल्याण हो जगत का, सन्देश ये ही देते,

उद्धार हो भगत का, उपदेश ये ही देते,

हिल मिल के सभी रहना, आए हमें सिखाने,

अज्ञान का अंधेरा .......................................

तुम मात पिता भ्राता, गुरुदेव को ही जानो,

ये ब्रह्म और विष्णु गुरु का ही रूप मानो,

दाता दयालु गुरु को, प्रभु का स्वरूप समझें,

अज्ञान का अंधेरा .......................................

।। ओऽम् श्री महावीराय नमः ।।

सरिता जैन

सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका

हिसार

🙏🙏🙏

विनम्र निवेदन

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