धन्य-२ आज घड़ी

धन्य-२ आज घड़ी, कैसी सुखकार है,

जिन चरणों की भक्ति करके आनन्द अपार है।

खुशियाँ अपार आज हर दिल में छायी  है,

दर्शन के हेतु देखो, जनता अकुलाई है।

चारों ओर देख लो भीड़ बेशुमार है, जिन ..........

भक्ति भावन से नृत्य गायन कोई हैं कर रहे,

आतम सुबोध कर पापों से डर रहे,

पल-२ पुण्य का कर रहे भंडार हैं, जिन ...........

जय-जय के नाद से गूंजा ये आकाश है,

छूट जाएंगे पाप सारे, निश्चय ये आज है,

देखो सौभाग्य से खुला, मुक्ति का द्वार है। जिन .......

।। ओऽम् श्री महावीराय नमः ।।

सरिता जैन

सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका

हिसार

🙏🙏🙏

विनम्र निवेदन

यदि आपको यह लेख प्रेरणादायक और प्रसन्नता देने वाला लगा हो तो कृपया comment के द्वारा अपने विचारों से अवगत करवाएं और दूसरे लोग भी प्रेरणा ले सकें इसलिए अधिक-से-अधिक share करें।

Comments

Popular posts from this blog

बालक और राजा का धैर्य

सती कुसुम श्री (भाग - 11)

चौबोली रानी (भाग - 24)

सती नर्मदा सुंदरी की कहानी (भाग - 2)

हम अपने बारे में दूसरे व्यक्ति की नैगेटिव सोच को पोजिटिव सोच में कैसे बदल सकते हैं?

मुनि श्री 108 विशोक सागर जी महाराज के 18 अक्टूबर, 2022 के प्रवचन का सारांश

जैन धर्म के 24 तीर्थंकर व उनके चिह्न

बारह भावना (1 - अथिर भावना)

रानी पद्मावती की कहानी (भाग - 4)

चौबोली रानी (भाग - 28)