मेरे सर पर रख दो

मेरे सर पर रख दो 

मेरे सर पर रख दो गुरुवर, अपने ये दोनों हाथ।

देना है तो दीजिए, जन्म-जन्म का साथ ॥ -2

सुना है अपने शरणागत को, अपने गले लगाते हो।

ऐसा मैंने क्या माँगा, जो देने से घबराते हो।

चाहे कुछ भी करो हे गुरुवर, बस थामे रहना हाथ।

देना है तो दीजिए ........ 

ग़म की धूप में झुलस रहे हैं, प्यार की छाया कर दे तू।

बिन माँझी के नाव चले न, अब पतवार पकड़ ले तू।

मेरा रस्ता रोशन कर दो , छाई अंधियारी रात।

देना है तो दीजिए........ ।

भव-भव में हम भटक रहे हैं, अपने गले लगाले तू।

जीना था बेकार हमारा, अपनी शरण बुला ले तू।

मेरा जीवन सरल बना दो , अब करना न इन्कार।

देना है तो दीजिए...... । 

।। ओऽम् श्री महावीराय नमः ।।

द्वारा - सरिता जैन

सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका

हिसार

🙏🙏🙏

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