शारदे स्तुति

 शारदे स्तुति 

हे शारदे माँ, हे शारदे माँ

अज्ञानता से हमें तार दे माँ। -2

 मुनियों ने समझी, मुनियों ने जानी,

 शास्त्रों की भाषा, आगम की वाणी।

 हम भी तो समझें, हम भी तो जानें,

 विद्या का फल तू  हमें मात! देना। हे शारदे माँ....

तू  है ज्ञान दायी, हमें ज्ञान दे दे,

रत्नत्रयों का हमें दान दे दे।

मन से हमारे मिटा दे अंधेरे,

हमको उजालों का शिव द्वार देना। हे शारदे माँ....

 तू  है मोक्षदायी  है संगीत तुझमें,

 हर शब्द तेरा है हर भाव तुझमें।

 हम हैं अकेले हम हैं अधूरे,

 तेरी शरण माँ ! हमें तार देना। हे शारदे माँ....

निजातम को भूले विषयों में फूले,

नहीं निज के झूले कभी हमने झूले।

आतम भवन में मिले सुख अपारा,

हे माँ ! तुझी में मिले भव किनारा। हे शारदे माँ.....

हृदय  कमल पर पधारो हे माता !

आ कंठ मेरे विराजो हे माता !

नमन हो नमन हो नमन हो हमारा ,

समर्पित है सेवक तू देना सहारा । हे शारदे माँ.....

।। ओऽम् श्री महावीराय नमः ।।

सरिता जैन

सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका

हिसार

🙏🙏🙏

विनम्र निवेदन

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