जब बिन बोले मिलता

जब बिन बोले मिलता 



जब बिन बोले मिलता,तो बोल के क्या मांगें। 

मेरी दुनिया तुम ही हो, दुनिया से क्या मांगें। 

धन दौलत क्या मांगें, मुस्कान  ये दी तुमने।     

हमें गुरु भक्ति की जो पहचान  ये दी तुमने।

किस्मत  को बनाते हो, किस्मत  से क्या मांगें।      

कोई हमसे पूछे ज़रा, जन्नत कैसी होगी। 

दावे से कहते हैं, तेरे दर जैसी होगी।      

जीते जी स्वर्ग मिला , मरने पर क्या मांगें।

।। ओऽम् श्री महावीराय नमः ।।

द्वारा - सरिता जैन

सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका

हिसार

🙏🙏🙏

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