णमोकारमय मेरा
णमोकारमय मेरा
णमोकारमय मेरा, जीवन बना दो,
चरणों की धूलि से......
चरणों की धूलि से, मस्तक सजा दो......-2
मैं हूँ फूल छोटा-सा, तुम्हारे चमन का,
कहीं हर न ले जाए, झौंका पवन का,
चरणों की छांव में......
चरणों की छांव में, मुझको बिठा लो,
अरिहंत निजधाम, मुझ को बुला लो.......णमोकारमय मेरा
रहे देह में पर, विदेही बने हो,
बंधन में रह कर भी, बंध न सके हो,
बंधते रहे झूठे .......
बंधते रहे झूठे, जग बंधनों में......
निराकार मुझको, स्वयं में मिला लो, णमोकारमय मेरा......
हृदय के कमल में हे, गुरुवर विराजो,
आतम के अनुभव से, परिचय करा दो,
नमन है मेरा जग के......
नमन है मेरा जग के, सब साधुओं को,
नमनमय नमनमय, नमनमय बना दो, णमोकारमय मेरा.....
.
।। ओऽम् श्री महावीराय नमः ।।
द्वारा - सरिता जैन
सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका
हिसार
🙏🙏🙏
विनम्र निवेदन
यदि आपको यह लेख प्रेरणादायक और प्रसन्नता देने वाला लगा हो तो कृपया comment के द्वारा अपने विचारों से अवगत करवाएं और दूसरे लोग भी प्रेरणा ले सकें इसलिए अधिक-से-अधिक share करें।
धन्यवाद
Comments
Post a Comment