प्रभु के गीत
प्रभु के गीत
प्रभु के गीत गाने में मज़ा है.......
प्रभु के गीत गाने में मज़ा है।
लग्न दिल में लगाने में मज़ा है।
यदि संसार रूठे, रूठ जाए,
सभी घरबार छूटे, छूट जाए।
उसे अपना बनाने में मज़ा है।......
साजे दिल के इन तारों को मिलाकर,
मधुर नगमे सुनाने में मज़ा है।......
सिकन्दर सा किसी पर हो खज़ाना,
नहीं सर सामने उसके झुकाना।
मिले भगवान का कोई दिवाना,
उसी को सर झुकाने में मज़ा है।
साजे दिल के इन तारों को मिलाकर,
मधुर नगमे सुनाने में मज़ा है।......
हज़ारों आपदाएं सर्द आएं,
खड़ा हो काल भी नज़रें गड़ाए।
कदम अपने मगर न रोक पाये,
पैर आगे बढ़ाने में मज़ा है।
साजे दिल के इन तारों को मिलाकर,
मधुर नगमे सुनाने में मज़ा है।......
यदि स्वाभिमान से जीना न आया,
जामे उल्फत अगर पीना न आया।
फटे दिल को अगर सीना न आया,
ज़हर बेमोल खाने में मज़ा है।
साजे दिल के इन तारों को मिलाकर,
मधुर नगमे सुनाने में मज़ा है।......
।। ओऽम् श्री महावीराय नमः ।।
द्वारा - सरिता जैन
सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका
हिसार
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