अय महावीर है हिंसा को
भजन-अय महावीर है हिंसा को
(चाल—मादरे हिन्द की आंखों का सितारा गांधी)
अय महावीर है हिंसा को हटाया तू ने
दयामय धर्म की अजमत को दिखाया तू ने ॥टेक॥
तू ने ही ज्ञान का परकाश किया दुनिया में
जग से मिथ्यात का अन्धेर हटाया तू ने ॥टेक॥
तू न रागी है न द्वेषी भी नहीं क्रोधी मानी
सारी दुनिया को हितोपदेश सुनाया तू ने ॥टेक॥
जग अनादि है नहीं कोई भी उसका कर्ता
द्रव्य गुण सारे अनादि है बताया तू ने ॥टेक॥
न्यायमत शीश झुकाता है तेरे चरणों में
धन्य है मोक्ष के रस्ते में लगाया तू ने ॥टेक॥
। ओऽम् श्री महावीराय नमः ।।
द्वारा -सरिता जैन
सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका
हिसार
🙏🙏🙏
विनम्र निवेदन
यदि आपको यह लेख प्रेरणादायक और प्रसन्नता देने वाला लगा हो तो कृपया comment के द्वारा अपने विचारों से अवगत करवाएं और दूसरे लोग भी प्रेरणा ले सकें इसलिए अधिक-से-अधिक share करें।
धन्यवाद
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