तू वीर नाम गुण गाए जा
तू वीर नाम गुण गाए जा
चाल - बाबुल की दुआएं लेती जा
तू वीर नाम गुण गाए जा, महावीर नाम गुण गाए जा॥ टेक॥
वह दिल तो नहीं वह पत्थर है, जिस दिल में प्रभु का नाम नहीं।
जीने से भला मरना उसका, जपे वीर सुबह और शाम नहीं।
उपवन हम उसको कैसे कहें, खिलते हों जिसमें सुमन नहीं,
पशुओं से बदतर प्राणी वो, प्रभु पाने की जिसको लगन नहीं॥
तू वीर नाम गुण गाए जा, महावीर नाम गुण गाए जा॥1॥ ......
जीवन सुखमय हो जायेगा, तेरा प्रभु नाम को लेने से।
तेरे दुःखड़े सब मिट जायेंगे, अरे प्रभु शरण में रहने से।
जहाँ प्रभु नाम वहाँ दुःख कैसा, इन दोनों का कोई मेल नहीं।
जहाँ सूर्य उगे तम न ठहरे, यह बच्चों का कोई खेल नहीं॥
तू वीर नाम गुण गाए जा, महावीर नाम गुण गाए जा॥२॥....
जीवन का भरोसा कुछ भी नहीं, ये जीवन तेरा फानी है।
सामान बरस सौ का लेकिन, पल भर की खबर न जानी है।
जब काल तमाचा लगे तुझे, तू रोएगा पछताएगा।
कितना ही दम तू लगा लीजो, तेरा निकल जनाजा जाएगा॥३॥
तू वीर नाम गुण गाए जा, महावीर नाम गुण गाए जा॥३॥ .....
जो आया है वो जाएगा, रहने का यहाँ दस्तूर नहीं।
ये बना खिलौना टूटेगा, तेरा वक्त कोई है दूर नहीं।
हुए जती सती चक्कर धारी, और ज्ञानवान महापुरुष हुए,
‘कैलाश’ यही है सुना उनसे, तेरा होगा बसेरा और कहीं॥
तू वीर नाम गुण गाए जा, महावीर नाम गुण गाए जा॥4॥
। ओऽम् श्री महावीराय नमः ।।
द्वारा -सरिता जैन
सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका
हिसार
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