अब सौंप दिया

 भजन - अब सौंप दिया 



अब सौंप दिया इस जीवन का, सब भार तुम्हारे हाथों में

है जीत तुम्हारे हाथों में, और हार तुम्हारे हाथों में

मेरा निश्चय बस एक यही, इक बार तुम्हें पा जाऊँ मैं

अर्पण करदूँ दुनिया भर का, सब भार तुम्हारे हाथों में

जो जग में रहूँ तो ऐसे रहूँ, ज्यों जल में कमल का फूल रहे

मेरे सब गुण दोष समर्पित हों, गोपाल तुम्हारे हाथों में

यदि मानुष का मुझे जन्म मिले, तो तव चरणों का पुजारी बनूँ

इस पूजक की हर रग रग का, हो तार तुम्हारे हाथों में 

जब जब संसार का कैदी बनूँ, निष्काम भाव से कर्म करूँ 

फिर अन्य समय में प्राण तजूँ, निराकार तुम्हारे हाथों में 

मुझ में तुझ में बस भेद यही, मैं नर हूँ तुम नारायण हो 

मैं हूं संसार के हाथों में, संसार तुम्हारे हाथों में 

अब सौंप दिया इस जीवन का, सब भार तुम्हारे हाथों में 

है जीत तुम्हारे हाथों में, और हार तुम्हारे हाथों में।

। ओऽम् श्री महावीराय नमः ।।

द्वारा -सरिता जैन

सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका

हिसार

🙏🙏🙏

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