भलाई कर भला होगा

 भजन - भलाई कर भला होगा


धुन - बहारों  फूल  बरसाओ ......

भलाई कर भला होगा, बुराई कर बुरा होगा 
कोई देखे या न देखे, पर प्रभु तो देखता होगा—टेक 

यहां नेकी बदी दो रास्ते हैं गोर से सुन ले 
तुझे चलना है किस मंजिल पे अपना रास्ता चुन ले 
कदम रखने से पहले सोच ले अजाम क्या होगा—टेक 

इसी दुनिया में जन्नत है यही दुनिया जहन्नुम है 
अगर आमाल हैं अच्छे तो फिर किस बात का डर है 
तेरे आमाल नामे पर ही तेरा फैसला होगा—टेक

। ओऽम् श्री महावीराय नमः ।।

द्वारा -सरिता जैन

सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका

हिसार

🙏🙏🙏

विनम्र निवेदन

यदि आपको यह लेख प्रेरणादायक और प्रसन्नता देने वाला लगा हो तो कृपया comment के द्वारा अपने विचारों से अवगत करवाएं और दूसरे लोग भी प्रेरणा ले सकें इसलिए अधिक-से-अधिक share करें।

धन्यवाद

Comments

Popular posts from this blog

बालक और राजा का धैर्य

सती कुसुम श्री (भाग - 11)

चौबोली रानी (भाग - 24)

सती नर्मदा सुंदरी की कहानी (भाग - 2)

हम अपने बारे में दूसरे व्यक्ति की नैगेटिव सोच को पोजिटिव सोच में कैसे बदल सकते हैं?

मुनि श्री 108 विशोक सागर जी महाराज के 18 अक्टूबर, 2022 के प्रवचन का सारांश

जैन धर्म के 24 तीर्थंकर व उनके चिह्न

मेरी भावना (2) बुद्ध किसे कहते हैं?

बारह भावना (1 - अथिर भावना)

रानी पद्मावती की कहानी (भाग - 4)